गोविन्द देवजी जयपुर

कृष्ण आगमन PART 1

Read more »
SHIVBRAHMPOTA

कछवाहा राजवंश की शिवब्रह्मपोता शाखा का इतिहास

Read more »
NEWS

शारदीय नवरात्री में चित्तौडगढ़ दुर्ग स्थित बाण माता मंदिर में हुआ धार्मिक अनुष्ठान , माता को चढ़ाये गये छप्पन भोग

Read more »
SARANGDEVOT

सिसोदिया राजवंश की कुलदेवी श्री बायण माता मंदिर में दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न

Read more »
MAHARAJA MAN SINGH AMER

सल्तनत काल और इस्लामीकरण भाग-2

Read more »

'रण कर-कर रज-रज रंगे, रज-रज डंके रवि हुंद, तोय रज जेटली धर न दिये रज-रज वे रजपूत " अर्थात "रण कर-कर के जिन्होंने धरती को रक्त से रंग दिया और रण में राजपूत योद्धाओं और उनके घोड़ो के पैरों द्वारा उड़ी धूल ने रवि (सूरज) को भी ढक दिया और रण में जिसने धरती का एक रज (हिस्सा) भी दुश्मन के पास न जाने दिया वही है रजपूत।"